सोने (Gold) की कीमत आज लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज कर रही है। शरद पूर्णिमा जैसे शुभ अवसर के बावजूद, निवेशक और गृहणियाँ सोने की वर्तमान दरों से प्रभावित नजर आ रही हैं। आइए देखें कि देश के प्रमुख शहरों में क्या भाव चल रहे हैं — और क्या वजह है इस गिरावट के पीछे।
Gold Price Today
प्रमुख शहरों में आज का सोना भाव
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दिल्ली: 24 कैरेट सोना 119,540 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 22 कैरेट का भाव 109,590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
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मुंबई / कोलकाता / चेन्नई:
• मुंबई में 24 कैरेट का भाव घटकर 119,390 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
• 22 कैरेट की दर तीनों शहरों में लगभग 109,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दिखी। -
अहमदाबाद / भोपाल: 24 कैरेट 119,440 रुपये प्रति 10 ग्राम, और 22 कैरेट 109,490 रुपये प्रति 10 ग्राम।
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हैदराबाद: 24 कैरेट 119,390 रुपये व 22 कैरेट 109,440 रुपये प्रति 10 ग्राम।
इन दरों से स्पष्ट है कि आज हर शहर में सोने की कीमतों ने बाजार के दबाव को बर्दाश्त किया है, बढ़ने के बजाय गिरने की ओर रुख किया है।
चांदी की कहानी: ऊपर या नीचे?
सोने के साथ-साथ चांदी (Silver) की दर में भी गिरावट आई है। 6 अक्टूबर को चांदी का भाव 1,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। दिल्ली और अन्य महानगरों में चांदी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना हुआ है — खासकर जब इसकी औद्योगिक मांग उच्च बनी हुई है (इंडस्ट्रियल खपत का हिस्सा लगभग 60-70% तक)।
गिरावट की प्रमुख वजहें
सोने की कीमतों में यह लगातार गिरावट किन कारणों से हो रही है? नीचे कुछ संभव कारक दिए जा रहे हैं:
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ग्लोबल मार्केट दबाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग या निवेशकों की रूचि घटने से भाव दबाव में आ सकते हैं। -
मुद्रास्फीति और ब्याज दरों का असर
यदि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहे या ब्याज दरें बढ़ें, तो निवेशक सोने के बजाय ब्याज देने वाले साधनों की ओर रुख कर सकते हैं। -
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा (डॉलर) की मजबूती
डॉलर मजबूत होने पर सोना विदेशी निवेशकों के लिए महँगा हो जाता है, जिससे मांग घट सकती है। -
त्योहारी भावनाएँ और मांग की अस्थिरता
शरद पूर्णिमा जैसे अवसरों पर सामान्यतः मांग बढ़ती है, लेकिन यदि आर्थिक अनिश्चितता हो, तो लोग सोना खरीदने से हिचक सकते हैं।
निवेशकों के लिए सुझाव
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यदि आपने सोना निवेश किया है, तो भाव की गिरावट से घबराएँ नहीं — यह उतार-चढ़ाव का हिस्सा है।
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बड़ी खरीदारी करने से पहले भावों का रुझान और संभावित सुधार देखना ठीक रहेगा।
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छोटे-छोटे समय में लेनदेन करने की बजाय दीर्घकालीन सोच रखें।
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चांदी को भी एक वैकल्पिक निवेश के रूप में देखें — यदि औद्योगिक मांग बनी रहे, तो यह फायदे में जा सकती है।








