भारत में हर साल आश्विन माह की पूर्णिमा को महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष, 7 अक्टूबर 2025 को, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों, और शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है।
छुट्टी की घोषणा
दिल्ली सरकार ने इस दिन को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। दिल्ली के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहेंगे। दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने इस दिन को अपने वार्षिक कैलेंडर में शामिल किया था, जिससे छात्रों और शिक्षकों को इस दिन की छुट्टी का पूर्वानुमान था। उत्तरी भारत के प्रमुख राज्य उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी। इस दिन को महर्षि वाल्मीकि की जयंती के रूप में मनाने के लिए राज्यभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
क्या रहेगा खुला और क्या बंद?
वाल्मीकि जयंती के अवसर पर दिल्ली और यूपी में सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। हालांकि, आवश्यक सेवाएं जैसे अस्पताल, पुलिस स्टेशन, और अग्निशमन विभाग सामान्य रूप से कार्य करेंगे। निजी व्यवसाय, बाजार और सार्वजनिक परिवहन भी सामान्य रूप से चल सकते हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर सीमित समय या स्टाफ के साथ कार्य हो सकता है।
महर्षि वाल्मीकि का योगदान
महर्षि वाल्मीकि को भारतीय साहित्य का आदि कवि माना जाता है। उन्होंने ‘रामायण’ की रचना की, जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय संस्कृति और समाज के लिए भी एक अमूल्य धरोहर है। उनकी शिक्षाएं समानता, न्याय और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देती हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में एक कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को समान अवसरों के संवर्धन के रूप में प्रस्तुत किया।
अन्य राज्यों की स्थिति
वाल्मीकि जयंती के अवसर पर दिल्ली और यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भी छुट्टी की घोषणा की गई है। मध्य प्रदेश, जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों में भी इस दिन को सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाएगा। हालांकि, कुछ राज्यों में यह अवकाश सीमित हो सकता है या केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित हो सकता है।
7 अक्टूबर 2025 को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी रहेगी। यह दिन महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं और उनके योगदान को सम्मानित करने का अवसर है। इस दिन को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, और विभिन्न स्थानों पर इस अवसर पर श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।






