देश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव आ गया है। शिक्षा विभाग ने घोषणा कर दी है कि प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए B.Ed डिग्री अब पर्याप्त नहीं होगी। अब अनिवार्य होगा चार वर्षीय ITEP (Integrated Teacher Education Programme) कोर्स। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षक प्रशिक्षण में गुणवत्ता और मानकीकरण लाने के लिए किया जा रहा है।
ITEP क्या है?
ITEP एक इंटीग्रेटेड बैचलर डिग्री कोर्स है जिसे 12वीं के बाद चार वर्ष के पाठ्यक्रम के रूप में शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य है कि भविष्य के शिक्षक शिक्षा-शास्त्र (pedagogy), शैक्षिक मनोविज्ञान (educational psychology), विषय-वस्तु की गहरी समझ, और स्कूल प्रैक्टिस पर बेहतर तैयार हों।
नया नियम क्या कहता है?
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B.Ed डिग्री अब मान्य नहीं होगी – अगर आप प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं तो सिर्फ़ B.Ed पूरा करके नहीं चल पाएगा।
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चार-साल का ITEP कोर्स अनिवार्य – यह कोर्स 2027 से पूर्ण रूप से लागू होगा।
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प्राइवेट शिक्षक बनने के लिए भी नियम – प्राइवेट स्कूलों में शिक्षक बनने हेतु ‘Diploma in Elementary Education’ के साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा (Teacher Eligibility Test/TET-type exam) पास करना अनिवार्य होगा।
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प्रवेश प्रक्रिया – ITEP कोर्स में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा (NCET) से क्वालीफाइ करना होगा, जिसे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी संचालित करेगी।
इससे क्या फायदे होंगे?
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शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार — विषय ज्ञान और शिक्षण कौशल दोनों पर ज़्यादा जोर होगा।
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समरूपता (uniformity) आएगी सभी राज्यों और संस्थानों में शिक्षक प्रशिक्षण का स्तर समान होगा।
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विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षक मिलेंगे जो कि अधिक आधुनिक शिक्षण विधियों, मनोवैज्ञानिक और शैक्षिक सिद्धांतों को समझेंगे।
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भविष्य में प्रतिस्पर्धात्मक अवसर — क्योंकि शिक्षक पात्रता परीक्षा और NCET जैसी प्रक्रियाएँ सुनिश्चित करेंगी कि उम्मीदवारों में मानक हो।
किन चुनौतियों का सामना हो सकता है?
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ITEP कोर्स कोर्स के लिए संसाधन, शिक्षण संस्थानों की तैयारी, शिक्षकों की ट्रेनिंग की व्यवस्था करना होगा।
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छात्रों के लिए चार वर्षों की लागत, समय और अन्य खर्चों में वृद्धि हो सकती है।
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स्थान-विहीन या ग्रामीण इलाकों में ITEP कोर्स उपलब्ध कराना एक चुनौती होगी।
क्या करना चाहिए अगर आप शिक्षक बनना चाहते हैं?
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अभी से ITEP कोर्स और उससे जुड़े शिक्षण संस्थानों के बारे में जानकारी इकट्ठा करें।
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NCET परीक्षा की तैयारी शुरू करें क्योंकि यह कोर्स में प्रवेश की कुंजी होगी।
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यदि आप वर्तमान में B.Ed कर रहे हैं, तो देखें कि क्या संक्रमणकालीन प्रावधान (transition provisions) उपलब्ध हैं या सरकार ने कोई grandfathering नीति लागू की है।
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निजी स्कूलों में टीचर बनने के लिए आवश्यक डिप्लोमा और पात्रता परीक्षा की खबरों पर नजर रखें।
शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ़ प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि प्रभावशाली सीखने और सिखाने की कला है। इस नए नियम से उम्मीद है कि देश में प्राथमिक शिक्षा को एक नई दिशा मिलेगी जहाँ शिक्षक अधिक तैयार, समर्थ और प्रेरित हों।






