भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर राज्य की अपनी संस्कृति और परंपराएँ हैं। यही कारण है कि सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अलग-अलग होता है। वर्ष 2026 में भी कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व और धार्मिक अवसरों पर पूरे देश में छुट्टी रहेगी, जबकि राज्यों में स्थानीय त्योहारों के अनुसार अतिरिक्त अवकाश घोषित किए गए हैं।
राष्ट्रीय अवकाश (पूरे भारत में लागू)
भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए तीन प्रमुख राष्ट्रीय अवकाश घोषित किए हैं:
- 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस)
- 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस)
- 2 अक्टूबर 2026 (महात्मा गांधी जयंती)
इन दिनों पूरे देश में सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और अधिकांश निजी संस्थान बंद रहेंगे।
प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक अवकाश
- होली (मार्च 2026) – उत्तर भारत के राज्यों में विशेष अवकाश।
- ईद-उल-फितर (अप्रैल 2026) – मुस्लिम समुदाय के लिए पूरे भारत में छुट्टी।
- दुर्गा पूजा (अक्टूबर 2026) – पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में लंबा अवकाश।
- दीवाली (नवंबर 2026) – पूरे भारत में सबसे बड़ा त्योहार, लगभग सभी राज्यों में छुट्टी।
- क्रिसमस (25 दिसंबर 2026) – पूरे भारत में सार्वजनिक अवकाश।
राज्यवार विशेष छुट्टियाँ
- पंजाब और हरियाणा: गुरुपर्व और बैसाखी।
- महाराष्ट्र: गणेश चतुर्थी।
- केरल: ओणम।
- तमिलनाडु: पोंगल।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: उगादी।
- कर्नाटक: कन्नड़ राज्योत्सव।
- बिहार और उत्तर प्रदेश: छठ पूजा।
सरकारी कर्मचारियों और छात्रों पर असर
- छुट्टियों की वजह से स्कूल और कॉलेजों का शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित होता है।
- सरकारी दफ्तरों में कामकाज की योजना छुट्टियों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है।
- निजी कंपनियाँ भी अक्सर राष्ट्रीय अवकाशों का पालन करती हैं।
भारत में 2026 का सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर राष्ट्रीय पर्वों और राज्य स्तरीय त्योहारों का संतुलित मिश्रण है। यह न केवल सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है बल्कि नागरिकों को अपने धार्मिक और सामाजिक जीवन को संतुलित करने का अवसर भी देता है।






