मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लाड़की बहना योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1500 की आर्थिक सहायता दी जाती है। लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 18 नवंबर 2025 तक e-KYC पूरा करना अनिवार्य है। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो लाभार्थियों की किस्त रोक दी जाएगी।
लाड़की बहना योजना क्या है?
- यह योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई।
- पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1500 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
- योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना है।
e-KYC क्यों ज़रूरी है?
- e-KYC से लाभार्थियों की पहचान और पात्रता की पुष्टि होती है।
- इससे फर्जीवाड़ा और गलत लाभार्थियों को रोकने में मदद मिलती है।
- सरकार चाहती है कि केवल वास्तविक और पात्र महिलाएँ ही योजना का लाभ लें।
- e-KYC पूरा होने पर ही राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
e-KYC कैसे करें?
- लाभार्थी महिलाएँ नज़दीकी लोक सेवा केंद्र (CSC) या बैंक शाखा में जाकर e-KYC करा सकती हैं।
- आधार कार्ड और बैंक खाता विवरण साथ ले जाना ज़रूरी है।
- बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद e-KYC प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
- प्रक्रिया पूरी होने पर लाभार्थी को SMS या रसीद के जरिए पुष्टि मिलती है।
डेडलाइन का महत्व
- सरकार ने 18 नवंबर 2025 को अंतिम तारीख तय की है।
- इस तारीख तक e-KYC नहीं कराने वाली महिलाओं की ₹1500 की किस्त रोक दी जाएगी।
- बाद में e-KYC कराने पर किस्त फिर से शुरू हो सकती है, लेकिन देरी से आर्थिक नुकसान होगा।
लाभार्थियों पर असर
- जिन महिलाओं ने समय पर e-KYC करा लिया है, उन्हें नियमित किस्त मिलती रहेगी।
- जिन महिलाओं ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें नवंबर की किस्त नहीं मिलेगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई महिलाएँ अभी भी e-KYC से वंचित हैं।
निष्कर्ष
लाड़की बहना योजना की 18 नवंबर 2025 डेडलाइन बेहद अहम है। यदि लाभार्थी महिलाएँ समय पर e-KYC नहीं करातीं, तो उन्हें मिलने वाली ₹1500 की मासिक किस्त रोक दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जो समय पर अपनी पहचान और पात्रता की पुष्टि कराएँगी।







