जीएसटी हटने पर खाना पकाने वाले तेल पर झटका-सस्ती: रसोई घरों की राहत, प्रति लीटर 50-60 की कटौती

On: Thursday, September 18, 2025 10:13 AM

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Aratt.ai Logo Join Aratt.ai

Join Now

देश भर में महँगाई ने रसोईघर का बजट एक बड़ा बोझ बना दिया था। खाने-पीने की बुनियादी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम जनमानस को परेशान कर रखा था। लेकिन खबर है कि इस दर्द को थोड़ा-बहुत राहत मिल गयी है। सरकार ने GST परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक में फैसला लिया है कि खाना पकाने वाले तेलों पर 12% जीएसटी पूरी तरह से हटा दिया जाए। इसका असर तेलों की कीमतों में लगभग 50-60 प्रति लीटर की कमी के रूप में दिखने लगा है।

इस बदलाव का असर

  1. प्रत्यक्ष बचत
    जीएसटी हटने से तेल की कीमत सीधे कम हुई है। सामान्य घरेलुओं को अब वही litre तेल पहले जितनी राशि देकर वह खरीद पाएँगे, उससे 25-30% की बचत होगी। यह बचत खर्च के अन्य हिस्सों में उपयोग हो सकती है।

  2. मध्यम और निम्न आय वर्ग को राहत
    जिन परिवारों की आमदनी सीमित है, वे खाना पकाने वाले तेलों की खरीद-फरोख्त में इस बदलाव को तुरंत महसूस करेंगे। पहले तेल की बढ़ती दरों से मासिक खर्चों में कमी करना मुश्किल हो जाता था। अब वह बोझ कुछ हद तक हल्का हो जाएगा।

  3. व्यवसायों के लिए बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा
    होटल, dhaba व रेस्टोरेंट मालिकों को भी तेल की कम कीमत से लागत कम करने का अवसर मिलेगा। खाने की कीमतों को कम करना आसान होगा, जिससे उन्हें ग्राहकों से प्रतिस्पर्धा बेहतर तरीके से करनी पड़ेगी।

  4. ब्रांड व गुणवत्ता में थोड़ा अंतर
    हालांकि जीएसटी हटने से अधिकांश ब्रांडों में कीमतें कम होंगी, लेकिन गुणवत्ता, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के आधार पर कीमतों में थोड़ा अंतर बना रहेगा। कुछ ब्रांडों के मूल्य कटौती में कम अंतर होगा।

आम जनता को किया क्या करना चाहिए

  • नज़दीकी दुकानों में कीमतों की पुष्टि करें: नया रेट दुकानों या सुपरमार्केट्स में बदलने लगे हैं। चश्मदीद कीमतें देखें।

  • ब्रांडों की आधिकारिक वेबसाइट देखें: कई बड़ी कंपनियाँ रिटेलर्स के अलावा अपनी वेबसाइटों पर नए तेल रेट अपडेट कर रही हैं।

  • ऑनलाइन प्लेटफार्म्स पर भी जांचें: ई-कॉमर्स साइट्स पर तेलों की कीमतें अपडेट होनी चाहिए। कभी-कभी ऑफलाइन की तुलना में ऑनलाइन कीमतों में अच्छे डिस्काउंट मिल जाते हैं।

  • खरीदारी योजना बनाएं: यदि अनुमान हो कि तेल की कीमतें फिर बढ़ेंगी, तो जरूरत के अनुसार बड़ी मात्रा में खरीदना आर्थिक हो सकता है।

संभावित चुनौतियाँ

  • कुछ क्षेत्रों में पुरानी स्टॉक ऑब्जेक्ट्स के चलते नई दर लागू होने में देरी हो सकती है।

  • ब्रांड के छोटे पैकेटों पर रोक या बदलाव शुरु होने में समय लग सकता है।

  • टायर-अधिकारी जॉंच या व्यापारी स्टोरों में गिरावट की اطلاع समय-समय पर ना मिल सके तो उपभोक्ताओं को भ्रम हो सकता है।

इस तरह के बदलाव से आर्थिक मामूली राहत नहीं, बल्कि विशाल जनसंख्या के जीवन-स्तर में सुधार हो सकता है। रसोई घरों में आज तेल सस्ते मिला यह सच में घर की खुशियों में वृद्धि का संकेत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Aratt.ai Logo Join Aratt.ai

Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Aratt.ai Logo Join Aratt.ai

Join Now
We are not affiliated, associated, or connected with any government department, institution, statutory body, or official authority. All information available on this website is collected from publicly accessible sources and is intended solely for informational and educational purposes.