सोने ने तोड़ी बाधा: 24 कैरेट सोना 1,10,000/- प्रति 10 ग्राम से ऊपर, जानिए ये रिकॉर्ड दर क्यों?

On: Wednesday, September 17, 2025 4:00 PM

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Aratt.ai Logo Join Aratt.ai

Join Now

भारत में 2025 के त्योहारों से पहले सोने की बाजार दरों ने एक नया रिकॉर्ड तोड़ लिया है। 24 कैरेट सोना अब 1,10,000/- प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुँच चुका है, जो पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ती मांग और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के कारण है।

क्यों बढ़ी कीमतों की रफ्तार?

  • त्योहारों का प्रभाव: नवरात्रि और दीवाली जैसे पर्वों के कारण सोने की मांग बढ़ जाती है। उपहार, विवाह, ज्वेलरी की खरीद-फरोख्त में इज़ाफा होता है।

  • वैश्विक आर्थिक हालात: डॉलर का कमजोर होना, इंटरेस्ट रेट्स, मुद्रास्फीति और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई-श्रृंखला में अवरोधों से सोने के दामों पर दबाव पड़ता है। इन वजहों से निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों (safe havens) की ओर मुड़ते हैं।

  • स्थानीय मार्केट शुल्क और कर: आयात शुल्क, जीएसटी, परिवहन लागत, और मेकिंग चार्ज्स जैसी चीज़ें भी अंतिम कीमत को बढ़ाती हैं।

आज के दाम क्या-क्या हैं?

  • 24 कैरेट सोना: लगभग 1,10,000/- प्रति 10 ग्राम या उससे ज़्यादा।

  • 22 कैरेट सोना: करीब 1,00,000/- के स्तर पर।

  • चांदी की कीमतें भी बढ़ी हुई हैं, हालाँकि सोने जितनी तेजी नहीं। उपभोक्ताओं के लिए यह संकेत है कि सोना-चांदी दोनों ही अब “महंगी संपत्ति” बन चुकी हैं।

उपभोक्ताओं के लिए सुझाव

  1. खरीदारी का समय सोच-समझ कर चुनें: यदि कीमतें अभी चरम पर हैं, तो थोड़ा इंतज़ार करना फायदेमंद हो सकता है।

  2. शुद्धता पर ध्यान दें: 24 कैरेट सोना ज़्यादा शुद्ध होता है लेकिन नर्म भी होता है; ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज, डिज़ाइन, और वारंटी की स्थिति जांचें।

  3. बदलते दामों को देखें: कीमतें रोज-रोज़ बदलती हैं—लगभग हर दिन अंतर हो सकता है, इसलिए भरोसेमंद स्रोत से अपडेट लेना चाहिए।

  4. निवेश विकल्पों पर विचार करें: सोना सिक्के, बार या डिज़ाइन ज्वेलरी—इनमें लागत, कर और क्राफ्टिंग की फीस अलग-अलग होती है।

भविष्य की संभावना

  • यदि(global) आर्थिक अस्थिरता बनी रही, डॉलर और ब्याज दरों में बदलाव हुआ, तो सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।

  • दूसरी ओर, यह भी संभव है कि घरेलू क्रय शक्ति कम हो जाए, जिससे मांग में थोड़ी गिरावट आए और कीमतों में सुधार हो।

  • त्योहारों के बाद और शादी-मॉसम खत्म होते ही बाजार में हल्की सी स्थिरता आ सकती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Aratt.ai Logo Join Aratt.ai

Join Now
We are not affiliated, associated, or connected with any government department, institution, statutory body, or official authority. All information available on this website is collected from publicly accessible sources and is intended solely for informational and educational purposes.