हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सशक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल लॉन्च की है — दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना। इस योजना के माध्यम से राज्य की योग्य महिलाओं को प्रति माह 2,100 की वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव है। यह कदम महिला कल्याण, लैंगिक समानता और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा वादा है।
क्या है लाडो लक्ष्मी योजना?
“लाडो लक्ष्मी योजना” का पूरा नाम दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना (Deen Dayal Lado Lakshmi Yojana, DDLLY) है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और योजना की शुरुआत 25 सितंबर 2025 से होने की योजना है।
किसे मिलेगा लाभ? (पात्रता मानदंड)
नीचे वो मुख्य शर्तें हैं जिनके आधार पर महिला इस योजना की पात्र हो सकती है:
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उम्र कम-से-कम 23 वर्ष होनी चाहिए।
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महिला (या उसका पति, यदि विवाहित हो) कम-से-कम पिछले 15 सालों से हरियाणा में आवास रखती हो।
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परिवार की वार्षिक आय 1,00,000 (एक लाख रुपये) या उससे कम होनी चाहिए।
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योजना उन महिलाओं को नहीं दी जाएगी जो पहले ही किसी पेंशन या समान सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ उठा रही हों, या जिनका परिवार आयकरदाता हो।
क्या नहीं मिलेगा लाभ?
कुछ महिलाएँ इस योजना का लाभ नहीं ले पाएँगी, जैसे:
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जो पहले से सरकारी पेंशन, विधवा सहायता, विकलांग सहायता आदि प्राप्त कर रही हों।
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जिनका परिवार आयकरदाता हो या जिनका वार्षिक आय सीमा से अधिक हो।
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सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएँ (पूरी तरह या अंशकालीन), यदि उनकी परिवार आय सीमा से बाहर है।
कब से शुरू होगी योजना और कब मिलेगा पहला भुगतान?
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आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2025 से शुरू होगी।
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पहला भुगतान संभवतः 1 नवंबर 2025 को होगा, बशर्ते आवेदन एवं पात्रता की पुष्टि हो जाए।
जरूरी दस्तावेज और तैयारी
योजना के लिए आवेदन से पहले कुछ दस्तावेज तैयार रखना ज़रूरी होंगे, जैसे:
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परिवार पहचान पत्र (PPP) या समकक्ष दस्तावेज़
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आय प्रमाण पत्र
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आधार कार्ड
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आवास प्रमाण पत्र (हरियाणा में निवास का)
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बैंक खाता और बैंक पासबुक
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पासपोर्ट साइज फोटो
उद्देश्य एवं महत्व
लाडो लक्ष्मी योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इससे न सिर्फ घर का वित्तीय बोझ कम होगा बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में कदम बढ़ेगा। इस तरह की योजना राज्य-स्तर पर महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा दे सकती है, विशेषकर उन परिवारों में जहाँ आय सीमित हो।






