Sarad Purnima 2025: इस शुभ मुहूर्त में करें कोजागर पूजा, मिलेगा असीम धन और सौभाग्य!

On: Sunday, October 5, 2025 10:19 PM
Sarad Purnima 2025

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हिंदू पंचांग के अनुसार, शरद पूर्णिमा वर्ष 2025 में 06 अक्टूबर (सोमवार) को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से कोजागर पूजा या कोजागरी पूर्णिमा के नाम से प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इसी रात भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं और उन लोगों को आशीर्वाद देते हैं जो रात्रि जागरण करके पूजा-अर्चना करते हैं।

शरद पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त (Sharad Purnima Shubh Muhurat 2025)

पंचांग के अनुसार,

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  • 🌕 पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 06 अक्टूबर 2025, रात्रि 11:45 बजे

  • 🌕 पूर्णिमा तिथि समाप्त: 07 अक्टूबर 2025, पूर्वाह्न 12:34 बजे
    इस प्रकार कोजागर पूजा के लिए कुल 49 मिनट का विशेष शुभ समय प्राप्त होगा।
    चंद्रमा का उदय 06 अक्टूबर को शाम 05:27 बजे होगा, और इसी समय से रात्रि में चांद की रोशनी का आध्यात्मिक महत्व बढ़ जाता है।

शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात वर्ष की सबसे अधिक उज्ज्वल रात्रि होती है। इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों में औषधीय और दिव्य ऊर्जा होती है, जो शरीर और मन दोनों को शांति प्रदान करती है।

इसी कारण कई लोग इस रात खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे चांदनी में रखते हैं और अगले दिन उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। यह परंपरा “चंद्र अमृत सेवन” के रूप में भी जानी जाती है।

कोजागर पूजा का महत्व (Kojagari Puja Significance)

“कोजागर” शब्द संस्कृत के “को जागर्ति” यानी “कौन जाग रहा है” से बना है। कहा जाता है कि माता लक्ष्मी इस रात आकर यही पूछती हैं — “कौ जागर्ति?” अर्थात् “कौन जाग रहा है?”
जो व्यक्ति इस रात्रि में जागकर माता लक्ष्मी का ध्यान करता है, उसके घर में धन, सौभाग्य और सुख-समृद्धि की वर्षा होती है।

शरद पूर्णिमा की पूजा विधि (Puja Vidhi)

  1. रात के समय घर की सफाई करें और माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें।

  2. दीपक जलाएं, चावल, खीर, बताशे और तुलसी पत्र अर्पित करें।

  3. “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जप करें।

  4. चांदनी में बैठकर कीर्तन या भजन गाएं और रात्रि जागरण करें।

शरद पूर्णिमा की रात्रि आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन मन से की गई पूजा, साधना और व्रत से असीम धन, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त होती है।
06 अक्टूबर 2025 की रात को चंद्रमा की रोशनी में माता लक्ष्मी का स्वागत करें और अपने जीवन में सुख-समृद्धि का नया अध्याय आरंभ करें।

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