अक्टूबर का महीना भारत में त्योहारों और बदलते मौसमों की चुलबुली पंक्तियों से भरा होता है। 2025 में 4 अक्टूबर, शनिवार को कुछ राज्यों में स्कूलों को बंद रखा गया है—पर क्यों? चलिए जानें उन राज्यों और कारणों की पूरी सूची, ताकि आपको अनावश्यक भ्रम न हो और बच्चों की छुट्टियों में आपको सही जानकारी मिल सके।
4 October School Holiday
क्यों बंदी? कारण क्या हैं?
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मौसम की मार – बारिश का कहर
बिहार, केरल जैसे राज्यों में भारी बारिश की चेतावनियों के कारण कई स्कूलों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से बंदी की घोषणा की है। छात्रों की सुविधा और सुरक्षा मुख्य प्राथमिकता बनी है। -
त्योहारों का जश्न – सांस्कृतिक विरासत की वजह
दुर्गा पूजा, दशहरा, नवरात्रि आदि पर्वों की धूम पूरे देश में है। खासकर पश्चिम बंगाल में इन पर्वों की वर्षा होती है, और 4 अक्टूबर को स्कूलों को छुट्टी देने की स्थिति स्वाभाविक हो गई है। -
शिक्षा विभागों की छूट – स्थानीय निर्णय
कई राज्यों में यह निर्णय सीधे राज्य शिक्षा विभाग या ज़िला प्रशासन स्तर पर लिया गया है। उदाहरणस्वरूप, दिल्ली में इस तारीख को “आधिकारिक” छुट्टी नहीं है, लेकिन कुछ निजी स्कूलों ने अपने अंदरूनी कैलेंडर के मुताबिक छुट्टी कर ली है।
राज्यवारता: कौन–कहाँ बंदी?
| राज्य / क्षेत्र | बंदी का कारण |
|---|---|
| पश्चिम बंगाल | दुर्गा पूजा की छुट्टियाँ लगातार जारी हैं |
| तेलंगाना | दशहरा / नवरात्रि की छुट्टियों को बढ़ाया गया |
| केरल | बारिश + स्थानीय त्योहारों की वजह से |
| महाराष्ट्र | कुछ स्कूलों ने नवरात्रि / दशहरा के चलते बंदी की |
| दिल्ली | आधिकारिक नहीं, लेकिन निजी स्कूलों की छूट संभव |
यह सूची पूर्ण नहीं है—कुछ जिले या ब्लॉक स्तर पर अन्य छुट्टियाँ भी लागू हो सकती हैं।
छात्र और अभिभावकों के लिए सुझाव
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अपने स्कूल से पुष्टि करें: ज़रूर स्कूल की नोटिस या वेबसाइट चेक करें।
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यात्रा और कार्यक्रम पूर्व योजना बनाएं: अगर छुट्टी पहले से तय है, तो उन कार्यक्रमों का लाभ उठाएं।
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मौसम अपडेट देखें: विशेष रूप से बारिश की स्थिति पर ध्यान दें और सावधानी रखें।
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समय का सदुपयोग करें: पाठ्यक्रम से जुड़ी पढ़ाई, सांस्कृतिक गतिविधियाँ या परिवार के साथ विश्राम करें।
4 अक्टूबर 2025 को स्कूल बंदी का फैसला सिर्फ एक तारीख की छुट्टी नहीं—यह राज्यवार मौसम, त्योहार और शैक्षिक प्रशासन की रणनीति का संगम है। हर राज्य का अपना सामाजिक-भौगोलिक और सांस्कृतिक माहौल है, इस वजह से हर जगह का फैसला अलग है। आप स्वयं अपने जिले या स्कूल की आधिकारिक घोषणा से आख़िरी जानकारी ले सकते हैं।
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