1 अक्टूबर से बदल जाएगा ₹500 नोट का नियम, जानें क्या होगा आपके पैसे का हाल

On: Thursday, September 25, 2025 11:18 PM

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में 500 के नोटों को लेकर एक नया निर्देश जारी किया है, जो 1 अक्टूबर से अवसरिक (effective) हो जाएगा। इस कदम का मकसद नकली नोटों की बढ़ती समस्या से निपटना और आर्थिक प्रणाली की पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।

RBI 500 Rupee Note New Rule

नया नियम क्या कहता है?

  • अब 500 के नोटों में 10,000 से अधिक का एक साथ लेनदेन व्यापारी द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकेगा।

  • यह सीमा सभी व्यापारियों पर लागू होगी, चाहे वे बड़े हों या छोटे।

  • यदि व्यापारी इस सीमा का उल्लंघन करते पाए जाते हैं, तो उन पर कानूनी कार्रवाई या जुर्माना लगाया जा सकता है।

  • यह कदम नकदी आधारित काले धन और फर्जी नोटों के कारोबार को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जमा करने की अनिवार्यता और प्रक्रिया

  • जिन लोगों के पास बड़ी मात्रा में 500 के नोट हैं, उन्हें निकटतम बैंक शाखा में जाकर इन नोटों को जमा करना होगा।

  • जमा करते समय पहचान दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि दिखाने होंगे।

  • बैंक अपने स्तर पर नोटों की वैधता की जांच करेगा। यदि कोई नोट नकली पाया गया तो पुलिस को रिपोर्ट की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि नकली नोट प्रणाली से बाहर हों।

नकली नोट पहचान और रिपोर्टिंग

  • RBI ने आम जनता से अपील की है कि वे नकली नोटों की पहचान करने और रिपोर्ट करने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

  • नकली नोट मिलने पर तुरंत बैंक या पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

  • सरकार शीघ्र ही एक विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगी जिसमें नकली और असली नोटों के बीच अंतर बताने वाले सेक्योरिटी फीचर्स, वॉटरमार्क आदि जानकारी होगी।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा

  • इस नए प्रतिबंध के चलते लोग अधिक से अधिक UPI, नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और अन्य डिजिटल माध्यमों की ओर मुड़ेंगे।

  • सरकार “डिजिटल इंडिया” मिशन के अंतर्गत कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दे रही है।

  • इससे नकदी लेनदेन पर निर्भरता घटेगी और वित्तीय लेनदेन अधिक पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य होंगे।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

  • नकली नोटों के प्रसार से न सिर्फ आम लोगों को नुकसान होता है, बल्कि यह आर्थिक अवसंरचना पर भी दबाव डालता है।

  • ऐसे नियमों से आम जनता और व्यापारियों को अधिक सतर्क रहना पड़ेगा।

  • भविष्य में संभव है कि अन्य मूल्यवर्गों (जैसे 200, 1000 आदि) के नोटों पर भी ऐसे सख्त नियम लागू हों।

  • यह कदम भारत को पूर्णतः कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

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